Yagya Organised by Kendriya Pushkarna Brahman Sabha on 14/3/2021

दिनांक 14-3-21 रविवार को केन्द्रीय पुष्करणा ब्राह्मण सभा (रजि•)के तत्वावधान में आयोजित होने वाले अद्भुत कार्यक्रमों की श्रृंखला में पूर्व-स॔कल्पित-विशाल यज्ञ किया गया। समस्त पुष्करणा भाई बहनों के सदैव स्वस्थ और दीर्घायु होने की जो प्रार्थना सबने मिलकर भगवान शंकर से बड़ी श्रद्धापूर्वक नतमस्तक होकर सच्चे मन से की ।
यज्ञ-स्थल दिल्ली के रोहिणी-क्षेत्र (सैक्टर 3, बी-10 के सनातन धर्म मन्दिर) में हमारे समस्त उपस्थित विद्वान-बन्धुओं के द्वारा ठीक 11•15(प्रातः) सस्वर और अत्यंत मधुरिम समवेत-स्वरों से स्वस्तिवाचन प्रारंभ किया गया तथा मेरे साथ मिलकर बहुत शुद्ध मन्त्रों के उच्चारण से वातावरण को गुंजायमान व अलौकिकता से परिपूर्ण अभूतपूर्व और आनन्दमय बना दिया तथा समुपस्थित आदरणीय भाई-बहनों को प्रधान जी द्वारा भोले-बाबा के शुभाशीर्वादात्मक दुपट्टे सप्रेम भेंट किए गए जिन्हें सादर सबने धारण किया।प्रभु-कृपा से सचमुच अद्भुत उत्साहित एवम् प्रफुल्लित अन्तर्मन से सभी ने एकाग्रचित्त होकर समाज के कल्याणार्थ पूजन/ यज्ञ में भाग लिया ।
इस अद्वितीय कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए हमारी सभा के संरक्षक महोदय श्री भगवान पुरोहित जी,श्री एम•एम• लाल जी (संरक्षक) श्री लेखराज जी रंगा(उप-प्रधान) श्री सुरेश व्यास जी (उप-प्रधान) श्री खगेश आचार्य जी (महासचिव)श्री यशपाल जी शर्मा(प्रवक्ता)श्री जयगोपाल जी रंगा(कोषाध्यक्ष) श्री कमल आचार्य श्री सुभाष रंगा जी, श्री विनोद रंगा जी श्री पंकज रंगा,श्री राजेश पाराशर,श्री महेन्द्र व्यास, श्री हर्ष मोहन रंगा , श्री प्रमोद रंगा , श्री मुकेश रंगा अपने सुपुत्र और अपने अनुज श्री शरद रंगा सहित, श्री मनोज पाराशर, श्रीमती अंजु पाराशर,श्री राजेश एवं श्रीमती भारती पाराशर,श्रीमती आशा व्यास (धर्मपत्नी श्री ललित व्यास, लन्दन), श्रीमती अर्चना पाराशर(सपरिवार,धर्मपत्नी श्री धीरज पाराशर)श्रीमती चन्द्र मोहिनी(धर्मपत्नी श्री सुरेन्द्र मोहन लुद्र, प्रधान)श्री सुशांत शर्मा, श्री प्रभात आचार्य, श्रीमती कोमल आचार्य व दिव्यांशी शर्मा।
अपने पूजनीय पूर्वजों द्वारा लगभग 150 वर्षों से स्थापित पुष्करणा ब्राह्मण सभा के प्रति हम आजीवन तन,मन और यथाशक्ति धन से अपनी एकता का परिचय देते हुए सेवा-भावनाओं से परिपूर्ण होकर सौहार्दपूर्ण व पारस्परिक-प्रेमपूर्ण रिश्तों में सामन्जस्य बना कर रखेंगे, यही सत्संकल्प समुपस्थित समस्त महानुभावों ने यज्ञ-नारायण के समक्ष प्रस्तुत किया और मैं भी हृदय से अपने सौभाग्य की सराहना करते हुए कहना चाहता हूँ कि एक सेवक की भांति समाज के लिए सदैव तत्पर रहूँगा और हम सब मिलकर भावी पीढ़ी के लिए एक उच्चस्तरीय आदर्शों के सोपान निर्मित कर सकें।
मैं अपनी धर्मपत्नी श्रीमती निर्मल आचार्य सहित सबको बहुत बहुत शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ और प्रभावित होकर कार्यक्रम की भरपूर सफ़लता के उपलक्ष्य में बहुत बहुत वर्धापन व प्रोत्साहन प्रदान करता हूँ |

आचार्य माधव शास्त्री (चेयरमैन)
केन्द्रीय पुष्करणा ब्राह्मण सभा(पंजीकृत) नई दिल्ली ।

 

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